यह व्यक्ति भारत का प्रधानमन्त्री रह चुका है. इस पद की गरिमा का जो अनादर इस ने किया है उस से इतिहास शर्मिंदा हुआ है. जनता इन्हें अपना प्रतिनिधि चुनती है और यह लोग जनता को हर तरह से शर्मिंदा करते हैं. सदन में राजनीतिबाजों का व्यवहार, गाली-गलौज, मार-पीट अब तक कुछ राजनीतिबाजों तक सीमित थी, पर अब तो प्रधानमन्त्री रह चुके राजनीतिबाज भी इसमें करतब दिखाने लगे हैं. सत्ता का लालच किसी व्यक्ति को इतना नीचे गिरा सकता है यह सोच कर ही घबराहट होती है.आप लोग समझते नहीं हैं,
बहुत मुश्किल होता है हाशिये पर बैठना,
केंद्र में पी एम् की कुर्सी पर बैठने के बाद,
दिमाग खराब हो जाता है,
सही गलत की समझ नहीं रहती,
जिसे दर्द होता है वही जानता है,
आप लोग समझते तो हैं नहीं.
केंद्र में पी एम् की कुर्सी पर बैठने के बाद,
दिमाग खराब हो जाता है,
सही गलत की समझ नहीं रहती,
जिसे दर्द होता है वही जानता है,
आप लोग समझते तो हैं नहीं.