अब इस में कोई संदेह नहीं रहा कि यह सरकार भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाएगी. इस सरकार का हर कार्य नागरिकों के खिलाफ और भ्रष्टाचारियों के पक्ष में होता है. अब जहाँ भी जब भी चुनाव हो, मतदाताओं को इस भ्रष्ट सरकार और इसकी साथी भ्रष्ट पार्टियों को हराना है.

जन लोकपाल बिल को कानून बनाओ, फिर हमसे वोट मांगने आओ, नहीं तो हार के गहरे समुन्दर में डूबने के लिए तैयार हो जाओ.
Showing posts with label power distribution. Show all posts
Showing posts with label power distribution. Show all posts

Thursday, September 10, 2009

People every time face them


Earlier Delhi people were being tortured by Delhi government. Now Delhi government has entered in to a joint venture with BSES to tortureg Delhi people.

भैया, पहले एक मारता था, अब दो मारते हैं, तो चोट तो ज्यादा लगेगी न, और दर्द भी ज्यादा होगा. दिल्ली में रहने की यह कीमत तो चुकानी पड़ेगी. अब तीसरी बार गले में वर माला डाली है उनके. इस प्यार का मजा तो भुगतना ही पड़ेगा. जो नहीं होना चाहिए वह है और जो होना चाहिए वह नहीं है. सड़क में गड्ढे और बिजली गायब. बिजली गायब पर दुगने-तिगने बिल.

Friday, August 14, 2009

Power Game - consumer is always the looser


They call it privatization of power distribution, but in fact it is a money game. They have all excuses to defend their corruption, ineffecient and ineffecrtive working. Poor consumer was always a victim and now also he is the victim.

ग्राहक राजा है, कह कर ग्राहक को खूब मूर्ख बनाते हैं यह सरकार, एनजीओ और उत्पाद-सेवा विक्रेता. सरकार ने कानून बनाया, ग्राहक अदालतें बना दीं. दूसरी अदालतों की तरह वकीलों ने इन पर भी कब्जा कर लिया. एक आम ग्राहक खुद इन ग्राहक अदालतों में अपना केस नहीं लड़ सकता. बड़े सरकारी महकमे, उत्पाद-सेवा विक्रेता बड़े-बड़े वकील खड़े कर देते हैं. लाखों रुपये इन वकीलों को दे देते हैं पर कुछ रुपयों का मुआवजा एक असंतुष्ट ग्राहक को नहीं दे सकते. ग्राहक अदालतों में वकीलों के प्रवेश पर पावंदी लगनी चाहिए.