पडोसी देश ने,
हड़प ली जमीन हमारी,
इंच-इंच करके,
पर सरकार सोती रही,
कुछ न कर पाई,
न ही कुछ करना चाहा,
क्या देश सुरक्षित है,
ऐसी सरकार के हाथों में?
एक लेखक की किताब,
खूब बिकी, खूब बिकी,
परम्परा के अनुसार,
उन्होंने एक लेख में लिखा,
कश्मीर दे दो पाकिस्तान को,
किसी ने कुछ नहीं कहा,
न कोई फतवा,
न ही कोई भर्त्सना,
क्या देश सुरक्षित है,
ऐसे लेख्कों के हाथों में?
मैं दिल्ली में रहता हूँ,
बड़ा अजीब लगता है,
प्रधानमन्त्री, मुख्यमंत्री,
अक्सर बयान देते हैं,
दिल्ली को बनायेंगे,
सबसे खूबसूरत शहर,
मेरी कालोनी के पार्क में,
घुमते हैं कुत्ते और सुवर,
क्या मेरा शहर सुरक्षित है,
ऐसे नेताओं के हाथों में?
आओ लड़ें भ्रष्टाचार से. FIGHT CORRUPTION. भ्रष्टाचार है - तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करना, कानून की अवहेलना, योग्यता के मुकाबले निजी पसंद को तरजीह देना, रिश्वत लेना, कामचोरी, अपने कर्तव्य का पालन न करना, सरकार और सरकारी विभागों में आज कल यही हो रहा है. बेशर्मी भी शर्मसार हो गई है यहाँ.
अब इस में कोई संदेह नहीं रहा कि यह सरकार भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाएगी. इस सरकार का हर कार्य नागरिकों के खिलाफ और भ्रष्टाचारियों के पक्ष में होता है. अब जहाँ भी जब भी चुनाव हो, मतदाताओं को इस भ्रष्ट सरकार और इसकी साथी भ्रष्ट पार्टियों को हराना है.
जन लोकपाल बिल को कानून बनाओ, फिर हमसे वोट मांगने आओ, नहीं तो हार के गहरे समुन्दर में डूबने के लिए तैयार हो जाओ.
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Friday, January 15, 2010
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